पितृ पक्ष 2018 के आखिरी श्राद्ध के दिन भूलकर भी न करें ये काम

पितृ पक्ष 2018 के आखिरी श्राद्ध के दिन भूलकर भी न करें ये काम….  

पितरों का ऋण चुकाने के लिए साल भर में एक बार पितृ पक्ष जिसकी  शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से

और समापन आश्विनी माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या से किया जाता है।

 हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है।

मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण न किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती,

पितृ पक्ष 2018 आखिरी श्राद्ध

इसलिए पितरों का श्राद्ध करना अहम माना जाता है।

इस साल पितृ पक्ष24 सितंबर 2018 से शुरू हुआ था और 9 अक्टूबर 2018 को इसका अंतिम दिन है।

हालांकि श्राद्ध के आखिरी दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान भी रखना चाहिए।

श्राद्ध के आखिरी दिन इन बातों का ध्यान जरूर रखें

श्राद्ध में योग्य ब्राह्मणों को भोजन करवाना जरूरी होता है।

श्राद्ध में चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करने से पुण्य मिलता है। ब्राह्मणों को भोजन करवाने के लिए भी चांदी के बर्तनों का इस्तेमाल करना सही माना जाता है।

ब्राह्मणों को भोजन परोसते वक्त मौन रहना चाहिए।

श्राद्ध कर्म में गाय का घी, दूध या दही काम में लेना चाहिए।

“पितृ पक्ष 2018 आखिरी श्राद्ध”

श्राद्ध कर्म के वक्त अगर कोई भिखारी आए तो उसे भी सम्मान के साथ भोजन करवाना चाहिए।

शराब और मांस को हाथ नहीं लगाना चाहिए।

रात में श्राद्ध कर्म नहीं करना चाहिए।

किसी दूसरे व्यक्ति के घर या जमीन पर श्राद्ध कर्म नहीं करना चाहिए।

पितृ पक्ष 2018 आखिरी श्राद्ध

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